Saturday, 8 February 2014

रिस्ते सर्मसार होते है...

रिस्ते सर्मसार होते है,
कुंठित मानसिकता के लोगो से,
सिकार बनाते है अपनो को,
अपनी जाहिलता से,
कभी हमला करते है तेज़ाब से,
कभी सिकार बनाते अपनी हवस का,
इनके लिए रिस्तो का कोई मोल नही,
जाहिलता मे पलते है,
कुंठित हर पल रहते है,
रिस्ते सर्मसार होते है,
कुंठित मानसिकता के लोगो से,










  



फोटो गूगल से साभार

जीने दो मुझको...

रोना‬ आता है "बहन"
देश के इस हालत पर,
सुरक्षित नही तुम,
अपने की देश मे,
बड़ी बड़ी बाते करने वाले,
कुछ नही कर पा रहे,
अपनी बहन,बेटियो की सुरक्षा मे,
सब उलझे है जाति धर्म की राजनीति मे,
पीड़ित भटक रहे न्याय के लिए,
जो मिलता नही, वक़्त गुजर जाता है,
हम सब है साथ तुम्हारे,
‪‎उठो‬ सब .चलो सब,
एक सुंदर‬ कल के लिए,
फिर ना सहनी पड़े वेदना किसी को,
कोई ना ‪‎सिकार‬ हो किसी की जाहिलता का,
















फोटो गूगल से साभार 

कुछ ‪मुस्किल‬ नही

"कुछ मुस्किल‬ नही होता,
गर दिल मे ठान लीजिए,
रास्ता कितना भी लंबा हो,
हर बढ़ता कदम नज़दीक ला देगा,
बहुत से लोग मिलेंगे ए "राहुल"
तुम्हे भटकने को,
बस अपनी दिल की सुनो,
और मंज़िल‬ की तरफ बढ़ते रहो"

















फोटो गूगल से साभार