Thursday, 3 April 2014

मारिए वोट की चोट

भाई देख तमाशा भारत का,
जाति, धर्म जाहिलता का,
इसमे उलझी जनता का,
खुद का कोई वजूद नही,
बस बाते बड़ी बड़ी करते है,
ये नेता ऐसे रहते है,
भाई देख तमाशा भारत का,
है मौसम अब चुनाव का,
चारो तरफ बाते है बस वादो की,
हम ये कर देंगे,
हम वो कर देंगे,
हम ही मसीहा है जनता के,
ये कहते है यह भ्रसटाचारी,
भाई देख तमाशा भारत का,
-राहुल कुमार

इस बार मारिए वोट की चोट ............
अपने अधिकार का प्रयोग करे और जाति धर्म से उपर विकास करने वाले लोग को चुने |

Thursday, 6 March 2014

राजनीति के अब मायने बदल गये

राजनीति के अब मायने बदल गये,
कभी जज़्बा होता था देश की सेवा का,
लोगो के विसवॉश का,
लोगो के ज़ज्बात का,
विकाश की हर बात का,
अपनो के साथ का,

पर क्या से क्या हो गया,
उलझे है आपस मे ही,
खीचतान जारी है,
आरोप प्रत्यारोप भारी है,
इन सबके बीच पिसती जनता बारी-बारी है,
विकाश सब्द होता है बस इनकी बातो मे,
ये तो सब उलझे है जाति धर्म की नीति मे,

इतनी वोट इस जाती से,
इतनी वोट इस धर्म से,
इतनी गिरी राजनीति के चक्कर मे,
मानवता को भूले है,
कब कोई इधर है, कब कोई उधर है,
जब खुद का ही कोई आधार नही,
क्या विकाश का काम करेंगे,
बस मरेंगे जनता के विसवॉश को,

अब भी देर नही है,
उठो सभी जागो सभी,
अपने अधिकार का प्रयोग करो,
बेहतर उम्मीदवार को मतदान करो,
दूर भगा दो उनको ,
जो जनता को उलझाते है,
जाति धर्म की बातो मे,

विकाश होता है बेहतर लोगो से,
कुछ बेहतर करने की धुन से,
सबको साथ लेकर चलने से,
मानवता की बात करने से,
विकाश होता हम सब से,
हम सब की शक्ति से,

-राहुल कुमार

Saturday, 8 February 2014

रिस्ते सर्मसार होते है...

रिस्ते सर्मसार होते है,
कुंठित मानसिकता के लोगो से,
सिकार बनाते है अपनो को,
अपनी जाहिलता से,
कभी हमला करते है तेज़ाब से,
कभी सिकार बनाते अपनी हवस का,
इनके लिए रिस्तो का कोई मोल नही,
जाहिलता मे पलते है,
कुंठित हर पल रहते है,
रिस्ते सर्मसार होते है,
कुंठित मानसिकता के लोगो से,










  



फोटो गूगल से साभार

जीने दो मुझको...

रोना‬ आता है "बहन"
देश के इस हालत पर,
सुरक्षित नही तुम,
अपने की देश मे,
बड़ी बड़ी बाते करने वाले,
कुछ नही कर पा रहे,
अपनी बहन,बेटियो की सुरक्षा मे,
सब उलझे है जाति धर्म की राजनीति मे,
पीड़ित भटक रहे न्याय के लिए,
जो मिलता नही, वक़्त गुजर जाता है,
हम सब है साथ तुम्हारे,
‪‎उठो‬ सब .चलो सब,
एक सुंदर‬ कल के लिए,
फिर ना सहनी पड़े वेदना किसी को,
कोई ना ‪‎सिकार‬ हो किसी की जाहिलता का,
















फोटो गूगल से साभार 

कुछ ‪मुस्किल‬ नही

"कुछ मुस्किल‬ नही होता,
गर दिल मे ठान लीजिए,
रास्ता कितना भी लंबा हो,
हर बढ़ता कदम नज़दीक ला देगा,
बहुत से लोग मिलेंगे ए "राहुल"
तुम्हे भटकने को,
बस अपनी दिल की सुनो,
और मंज़िल‬ की तरफ बढ़ते रहो"

















फोटो गूगल से साभार