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Saturday, 8 February 2014

जीने दो मुझको...

रोना‬ आता है "बहन"
देश के इस हालत पर,
सुरक्षित नही तुम,
अपने की देश मे,
बड़ी बड़ी बाते करने वाले,
कुछ नही कर पा रहे,
अपनी बहन,बेटियो की सुरक्षा मे,
सब उलझे है जाति धर्म की राजनीति मे,
पीड़ित भटक रहे न्याय के लिए,
जो मिलता नही, वक़्त गुजर जाता है,
हम सब है साथ तुम्हारे,
‪‎उठो‬ सब .चलो सब,
एक सुंदर‬ कल के लिए,
फिर ना सहनी पड़े वेदना किसी को,
कोई ना ‪‎सिकार‬ हो किसी की जाहिलता का,
















फोटो गूगल से साभार