Thursday, 3 April 2014

मारिए वोट की चोट

भाई देख तमाशा भारत का,
जाति, धर्म जाहिलता का,
इसमे उलझी जनता का,
खुद का कोई वजूद नही,
बस बाते बड़ी बड़ी करते है,
ये नेता ऐसे रहते है,
भाई देख तमाशा भारत का,
है मौसम अब चुनाव का,
चारो तरफ बाते है बस वादो की,
हम ये कर देंगे,
हम वो कर देंगे,
हम ही मसीहा है जनता के,
ये कहते है यह भ्रसटाचारी,
भाई देख तमाशा भारत का,
-राहुल कुमार

इस बार मारिए वोट की चोट ............
अपने अधिकार का प्रयोग करे और जाति धर्म से उपर विकास करने वाले लोग को चुने |