प्रॉजेक्ट मंथन - एक सुन्दर सा कल
Friday, 12 July 2013
mai दूर गगन मे रहता हू,
mai दूर गगन मे रहता हू,
जाने क्यो mai डरता हू,
इस जाहिलता की दुनिया मे,
बाँध ना दे मुझको,
धर्म , जाति की जंजीरो मे,
mai दूर गगन मे रहता हू,
जाने क्यो mai डरता हू,|
@राहुल
Newer Post
Older Post
Home