प्रक्रति के साथ किये गये का बर्ताव है उत्तराखंड की आपदा।..अब भी ना सुधरे तो कुछ नहीं हो सकता ...विकाश के नाम पर होता प्रक्रति का दोहन , बिना किसी मानक के भवनो का निर्माण । प्रक्रति के द्वारा सजा तो मिलनी ही थी।..बस अफसोस की बेगुनाह लोगो को काल का ग्रास बनना पड़ा..कुछ लोगो की वजह से। -राहुल rahul089@in.com